
हाथरस सिकंदराराऊ-उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन एवं दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री डॉ. आरपी सिंह ने क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित औद्योगिक इकाइयों की जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषी इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गुरुवार को जीटी रोड स्थित पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान के आवास पर पहुंचे डॉ. आरपी सिंह का भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान क्षेत्र में प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं को उनके समक्ष प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक में रति का नगला स्थित एक लोहे की फैक्ट्री द्वारा कथित रूप से मानकों के विपरीत संचालन और प्रदूषण फैलाने का मुद्दा सामने रखा गया। इस पर डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित इकाई के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा सलेमपुर स्थित डेयरी फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट जल को लेकर भी ग्रामीणों की शिकायत रखी गई। आरोप है कि फैक्ट्री का दूषित पानी जमीन के भीतर छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। चेयरमैन ने बताया कि क्षेत्रीय अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए जाएंगे और रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है और प्रदूषण फैलाने वाली किसी भी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2012 से पूर्व संचालित ईंट-भट्ठों को नई नियमावली के अंतर्गत नियमित करने की प्रक्रिया जारी है, जिससे भट्ठा संचालकों को राहत मिलेगी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुकेश चौहान, सुनील गुप्ता, जितेंद्र वाष्र्णेय, भोलू वाष्र्णेय, वीरेंद्र शर्मा, भुवनेश चौहान, भूपेंद्र चौहान, गौरव सिसोदिया, शेखर पुंडीर एवं ओम चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





